चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास संकरी गलियों और रास्तों में संचालित कई होटल सुरक्षा मानकों को लेकर सवालों के घेरे में हैं। क्षेत्र में पूर्व में कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि होटल घनी आबादी और संकरे मार्गों के भीतर बने हुए हैं। आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होता है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों होटल संचालित हैं, जिनके पास फायर एनओसी अथवा अन्य आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं हैं। ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और अवैध रूप से संचालित होटलों पर सख्ती बरतने की मांग की है।