काशी में शहर के विभिन्न बाजार रंग- बिरंगी राखियों से सजे हुए हैं। बहनें अपने भाईयों की कलाई सजाने के लिए राखी की खरीदारी जमकर कर कर रही हैं। बता दें कि रक्षाबंधन पर इस बार फिर भद्रा की छाया है। ऐसे में भद्रा के कारण दोपहर बाद ही बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन पर बुधादित्य, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग के साथ ही श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। सावन के पांचवें सोमवार का संयोग भी इस त्योहार को बेहद खास बना रहा है। स्नान और दान की पूर्णिमा में भक्त गंगा स्नान करेंगे।