अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड फालतू की बातें करना बंद करे। 18 प्रसिद्ध वामपंथी इतिहासकारों की फर्जी किताबों को इन्होंने राम जन्मभूमि केस में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सबमिट किया था। सभी 18 को हाईकोर्ट ने फर्जी घोषित किया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि ये कभी अयोध्या नहीं आए। रातों-रात इतिहाकार पुरातत्वेत्ता कब बन गए। उसी प्रकार फर्जी इतिहासकार ज्ञानवापी मामले में खोजने की कोशिश न करें, इसी में मुस्लिम समाज की भलाई है।'