सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में वाराणसी की समीक्षा तिवारी का कथक नृत्य का कार्यक्रम आयोजित हुआ। उन्होंने सर्वप्रथम गणेश वंदना कार्यक्रम से इसकी शुरूआत की जिसके बोल थे गाइए गणपति जगवंदन। इसके बाद तराना एवं पारंपरिक कथक नृत्य और अंत में मौसमी नृत्य, जिसके बोल थे-- इठलाती बलखाती चमकत दामिनिया, प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई।