नागरिक-सैन्य सहयोग को नई दिशा देते हुए 39 जीटीसी ने सोमवार को आईआईटी बीएचयू के स्थापना दिवस समारोह में उन्नत ड्रोन तकनीक का सजीव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और आधुनिक रक्षा अभियानों में इस्तेमाल हो रही अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों की कार्यप्रणाली को करीब से देखा। प्रदर्शन के दौरान सेना के विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के ड्रोन की क्षमताओं, उनकी निगरानी, टोही, सूचना संग्रह और सामरिक अभियानों में भूमिका की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक किस तरह निर्णायक साबित हो रही है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।