पौली क्षेत्र के स्थित एतिहासिक राम-जानकी मार्ग पौली बाबाकंकण्डेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर से बुधवार को विगत 43 वर्षों की भाती 44 वां वर्ष गायत्री महायज्ञ के लिए कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में क्षेत्र के लोग बड़े उत्साह से भाग लिया। शिव मंदिर परिसर से कलश यात्रा पौली अमौली होते हुए दौलतपुर कुआनो नदी के देइमाता स्थान पहुंची, जहां यज्ञाचार्य मुरलीधर दिवेदी मुख्य यजमान रमेश चौरसिया सपत्नीक के द्वारा जल के देवता वरुण देव का वैदिक मंत्रों द्वारा अर्चन -पूजन कराने के बाद कलश में जल भर कर कलश यात्रा पुनः यज्ञ स्थल पर पहुंची।