निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। कहा कि जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता। आंदोलन जारी रहेगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पिछले 450 दिनों से बिजली कर्मचारी पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चला रहे हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के विरुद्ध मनमाने ढंग से उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई है। जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।