मौलाना फारूक के शव का अंतिम संस्कार खाकी के सख्त पहरे के बीच रविवार को किया गया। इस दौरान लोगों में काफी गुस्सा देखा गया। मौलाना की शनिवार को फावड़े और कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई। इससे भीड़ उग्र हो गई थी और स्थिति को नियंत्रित करने में अधिकारियों को पसीने छूट गए थे।