पौराणिक तीर्थस्थल शुकतीर्थ में गंगा दशहरा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए मुख्य स्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और राष्ट्र कल्याण की कामना की। महिलाओं ने प्राचीन अक्षय वट पर मनोकामना के धागे बांधे, जबकि संत विभूति स्वामी कल्याणदेव महाराज की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर स्वामी ओमानंद महाराज ने गंगा को भारत की अमूल्य धरोहर बताते हुए उसके संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया।