एकादशी की दिव्य और पुण्यदायिनी घड़ी पर आज सुबह नौ बजे संत प्रेमानंद महाराज ने राधा कुंड स्थित छटीकरा तिराहे से गिर्राज परिक्रमा आरंभ की। जैसे ही महाराज ने गिर्राज धरणी की ओर पहला कदम बढ़ाया, वातावरण में भक्ति का ऐसा आलोक फैला कि मानो संपूर्ण ब्रजभूमि एकाग्रता में डूब गई हो। एकादशी के व्रत और साधना के इस सुयोग्य अवसर पर सैकड़ों भक्तजन महाराज के साथ श्रद्धा के दीप जलाए आगे बढ़ते रहे।