भक्त हर्षोल्लास से झूम रहे थे और ढोल-नगाड़ों की थाप सभी को नाचने पर मजबूर कर रही थी। युवाओं में खासा जोश था। महिलाएं एक-दूसरे को गुलाल लगा रही थीं। मौका था अपने प्यारे गणपति की विदाई का। कस्बा फरह में गणपति विसर्जन यात्रा का शुभारम्भ सुबह दस बजे से हुआ, जो लगातार चल रही थी। भक्त नाचते-गाते और बजाते हुए अपने गणपति को विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। महिलाएं, बालिकाएं और युवा गणेश धुन पर जमकर नृत्य कर रहे थे।