रुदलापुर गांव में नाग पंचमी पर अनोखा नजारा देखने को मिला। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 70 वर्षीय बुद्धिराम के शरीर में हर तीन वर्ष में महिषासुर का प्रवेश होता है। इसके बाद वह जानवरों के लिए रखे घास-भूसा और जूठन खाने लगते हैं। गांव के समय माता मंदिर में पूजा के दौरान शुरू होने वाले इस घटनाक्रम को देखने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बुद्धिराम चार हौदियों में रखा घास-भूसा तक खा जाते हैं। कई लोग उन्हें केला, लड्डू और घास भी खिलाते हैं। हालांकि, इस दावे की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।