मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर के पूजन के साथ गुरुवार को रोशनी का पर्व दीपावली हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। भवनों की सजावन मन मोह रही थी। रात होते ही सतरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। इस बार पूजन के दो मुहूर्त रहे। पहला मुहूर्त शाम छह से रात 8:15 बजे तक वृक लग्न में था। घर-घर चौकी पर गणेश-लक्ष्मी को स्थापित कर पूजन किया गया। परिवार के सदस्यों ने मां लक्ष्मी से समृद्धि व खुशियों की कामना की। साथ में मां सरस्वती, काली, विष्णु, कुबेर की भी पूजा की गई। शाम 6:18 से रात 8:15 बजे तक स्थिर लग्न वृष में पूजा की गई। यह स्थिर लक्ष्मी के पूजन के लिए श्रेष्ठ होता है। इसके बाद रात में निशीथ काल था और सबसे उत्तम स्थित लग्न सिंह का मुहूर्त रात 12:46 से 2 :56 तक रहा।