आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, साथ ही कटखने भी होते जा रहे हैं। एक महीने में 207 लोगों को काटकर जख्मी कर चुके हैं। इनमें 10 से 15 साल उम्र के बच्चे अधिक हैं। न्यू पीएचसी में रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ लग रही है। 22 दिसंबर से 22 जनवरी के बीच आवारा कुत्ते राह चलते 207 लोगों को काट चुके हैं। न्यू पीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश चंद्रा ने बताया कि बीते महीनों की अपेक्षा इस माह कुत्तों के काटने के मामले अधिक है। बंदर और बिल्ली के काटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। एक माह में 30 लोगों को बंदर और 10 लोगों को बिल्ली काट चुकी है। राजकीय नगरीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लालबहादुर ने बताया कि इस मौसम में अक्सर कुत्तों के स्वभाव में परिवर्तन आता है। चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। वह खुद को असुरक्षित महसूस करते है और हमलावर हो जाते है। ऐसे में इनसे बचना ही एक मात्र उपाय है। उधर, पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही गोशाला की तर्ज पर ही आवारा कुत्तों को रखा जाएगा।