जल निगम की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। विभाग की ओर से साकेतनगर में गहरी सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई कराई गई लेकिन इसे समतल नहीं किया। इस वजह से करीब 400 मीटर के मार्ग पर जगह-जगह बढ़े गड्डे हो गए हैं। हर दिन वाहन इनमें फंसकर गिर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी व नगर आयुक्त से शिकायत की है। उस्मानपुर के निवासियों ने बताया कि करीब डेढ़ माह से बारादेवी दक्षिण द्वार से गहरी पेयजल पाइपलाइन परियोजना के तहत खोदाई की जा रही है। साकेतनगर में अमर गेस्ट हाउस से सब्जी मंडी तक करीब चार सौ मीटर की सड़क खोदकर पाइप लाइन डाली गई और ऊपर से मिट्टी डालकर ऐसे ही छोड़ दिया गया। इसे बराबर नहीं किया गया और न ही पानी का छिड़काव किया जाता है। आरोप है कि खोदाई के दौरान कई सीवर व पेयजल कनेक्शन की लाइनें भी तोड़ दी गई। इस वजह से यहां जलभराव रहता है। इससे ये गड्ढे जानलेवा बन गए हैं। पिछले 24 घंटे में ही आधा दर्जन से अधिक वाहन इन गहरे गड्ढों में फंसकर पलट चुके हैं। इस मार्ग पर छह स्कूल-कॉलेज भी है जिस वजह से हर दिन बच्चें आते-जाते हैं। साथ ही दिनभर धूल उड़ने से सांस की बीमारी भी बढ़ रही है। क्षेत्रीय निवासियों ने इस मार्ग को बनवाने की मांग उठाई है। प्रार्थना-पत्र में मो. शोएब, अशांक त्रिपाठी, आशीष खरे, दशरथ, विकार दीक्षित सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।