केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का असर कंपनियों के पंजीकरण में भी नजर आ रहा है। शहर में पहली बार सौर ऊर्जा, कृषि क्षेत्र और परिवहन से जुड़ी कंपनियों ने वड़ी संख्या में पंजीकरण कराया है। चमड़ा कंपनियों की रफ्तार भी ठीक है। पहले पंजीकरण में सबसे आगे रहने वाले रियल इस्टेट क्षेत्र में इस बार बहुत कम कंपनियां पंजीकृत हुई हैं। पंजीकृत कंपनियों में सबले बड़ा 14 प्रतिशत हिस्सा इस बार सौर ऊर्जा उत्पादक कंपनियों का रहा। करीब आठ फीसदी पंजीकरण चमड़ा और चर्म उत्पाद कंपनियों का हुआ। खास बात यह है कि कृषि क्षेत्र में भी 30 कंपनियों ने पंजीकरण करवाया। इनमें बीज उत्पादक व फूड प्रोसेसिंग कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा करीब 1र्प्रतिशत कंपनिया परिवहन, भंडारण और संचार के क्षेत्र पंजीकृत हुई हैं।