वनरोजों और छुट्टा गोवंशों से जहां किसान पहले परेशान हो चुका हैं वहीं एक नई आफत उन्हें अब सोने नहीं दे रही है। दरअसल शहरों से होकर साढ़ क्षेत्र के कई गांवों में आए लालमुंह के बंदरों का झुंड गेहूं समेत विभिन्न खेत के अंदर जाकर बीज बोने वाले दाने को ही खा रहे हैं। जिससे पूरे खेत में गेहूं के पौधे ही नहीं निकल पाए। भीतरगांव इलाके में लाल मुंह वाले बंदरों का झुंड कई गांवों में डेरा जमा चुका हैं। छुट्टा मवेशी या वनरोज ललकारने पर खेत से भाग जाते हैं वहीं बंदरों का झुंड किसान की तरफ काटने के लिए दौड़ते हैं। जिससे किसान खुद जान बचाकर वापस लौट आता हैं।