कुदरत की अद्भुत और अमूल्य संपदा कही जाने वाली भीतरगांव ब्लाक की बरईगढ़ झील इंसानी स्वार्थ के भेंट चढ़ गयी। शिकारियों के शिकार प्रेम और मानव की मनमानी उसके आसपास बहुतायत अवैध खनन के चलते इक्का दुक्का पक्षियों के जोङे दिख रहे हैं। परिंदों से गुलजार रहने वाली झील के चारों ओर सन्नाटा पसरा है। सात समुंदर पार कर आने वाले मेहमान परिंदों ने भी झील से अपना मुंह मोड़ लिया है। किसानों का मानना है कि बेसुमार पक्षियों के शिकार के चलते देशी और विदेशी परिंदों का आना बहुत कम हो गया है।