हाथीगांव सरसौल स्थित प्राचीन श्री नंदेश्वर धाम में सोमवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में एक काले कोबरा को देखा। अचानक सांप दिखने से लोग भयभीत हो गए लेकिन कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव का प्रतीक मानकर आस्था से जोड़ लिया। देखते ही देखते मंदिर में भीड़ जुट गई और लोग सुरक्षित दूरी बनाकर खड़े हो गए। नियमित श्रद्धालुओं का कहना है कि यह सांप अक्सर शाम को मंदिर के आसपास दिखाई देता है और अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। स्थानीय लोग मानते हैं कि पास की हरियाली और खाली स्थानों से यह परिसर में आ जाता है। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन ने शांति बनाए रखने की अपील की और वन विभाग को सूचना देने की बात कही ताकि सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात या मौसम बदलने पर सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं और ठंडी जगह तलाशते हैं।