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ज्योतिष पंडित केए दुबे पदमेश बोले- पंचांगों की भिन्नता से पर्व व त्योहारों में आ रहा अंतर

शिखा पांडेय Updated Sun, 02 Nov 2025 07:51 PM IST

कमलानगर स्थित डॉ. गौर हरी सिंघानिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च ऑडिटोरियम में ज्योतिष कार्यक्रम का हुआ। यह आयोजन एटूजेड ब्रांड कम्युनिकेशन ग्रुप की ओर से किया गया। इसके मुख्य अतिथि दिल्ली से पधारे ज्योतिष विद्वान डॉ. एचएस रावत, मानवेंद्र रावत व पंडित केए दुबे पदमेश रहे। आयोजक अखिल खरे और निशा अग्रवाल रहीं। इस अवसर पर केए दुबे पदमेश ने कहा कि पंचांगों की भिन्नता के कारण ही पर्व व त्योहारों में अंतर आ रहा है। देश में सभी त्योहार विक्रम संवतसर के अनुसार होते हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पंचांग शक संवतसर के आधार पर बनाए जाते हैं। हाल ही में हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान दो शंकराचार्यों ने इसमें बदलाव के लिए पहल करने को कहा था। पंचांग के एकीकरण के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं लेकिन यह अभी तक नहीं हो सकता है। सरकार को राष्ट्रीय पंचांग के प्रकाशन में एकीकरण कराने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. एचएस रावत ने ज्योतिषीय आंकड़ों, गृह, गोचर, काल गणना सहित ज्योतिष विज्ञान , वास्तु संबंधी , ज्योतिष चिकित्सा आदि पर विचार रखे। इस डिजिटल युग में ज्योतिष से संबंधित बहुत सी भ्रांतियों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।

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