गोंडा में बहराइच रोड स्थित इंडियन ऑयल डिपो बंद होने की आहट से पांच हजार से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है। इनमें 173 नेपाली मूल के परिवार भी शामिल हैं। इनका जीवनयापन 30 वर्षों से डिपो पर निर्भर था। डिपो की स्थापना 1995 में केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता और पूर्व सांसद आनंद सिंह के प्रयासों से हुई थी। अब डिपो का संचालन लखनऊ के अमौसी के पास शिफ्ट किया जा रहा है। इससे स्थानीय कामगारों में गहरी मायूसी व्याप्त है। कर्मियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर डिपो रुकवाने की मांग की है।