सावन मास के तीसरे सोमवार को महाहर धाम शिव मंदिर में टूटा आस्था का जन सैलाब जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। शिवभक्तों की महाहर यात्रा ऐतिहासिक रही, जो दिव्यांगता को भी मात दें शिवभक्त महाहर धाम पहुंचे। यात्रा शहर स्थित ददरीघाट से गंगा जल लेकर हजारों शिवभक्तों ने रविवार की देर शाम से शुरू की यात्रा जो सोमवार देर शाम तक चलता रहा। शिवभक्त सड़क मार्ग द्वारा पैदल, दंडवत, साईकिल, मोटर साइकिल,चार पहिया वाहन,ई-रिक्शा से लगातार शिवालय पहुंचकर जलाभिषेक के लिए लगातार आगे बढ़ रहे थे। पैर में पड़े छाले व दर्द भी आस्था को चोट नहीं पहुंचा सकी। 35 किलोमीटर की कठिन यात्रा शिवभक्त एक दिन में ही पूरी करते हुए, महाहर धाम जलाभिषेक करने के लिए कोसो लंबी यात्रा तय किए। मार्गों में भोलेभक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह स्टाल भी लगाए गए थे। जलपान के साथ ही गर्म व डंडा पेयजल भी उपलब्ध रहा। महाहर धाम शिव मंदिर पर आधी रात से ही शिवभक्तों की कतारें लग गई थी। शिवभक्तों के जयकारों से क्षेत्र का कण-कण शंकर के भक्तिभाव में डूबा नजर आया। शिवालय के कपाट रात के तीसरे पहर में मंगला आरती पूजन के साथ खुलने के बाद दर्शन करने वालों की कतार बढ़ गई थी। हजारों भोले के भक्तों की कतार देर शाम तक लगी रही। जलाभिषेक के लिए दर्जनों दिव्यांग जन व किन्नर समाज ने भी जलाभिषेक कर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।