लोहिया अस्पताल के बर्न वार्ड में दवाएं बेचने का खेल बताने के बाद जबरन डिस्चार्ज की गई मासूम की दर्दनाक कहानी अमर उजाला ने उजागर की, तो भाकियू जिलाध्यक्ष ने अफसरों से वार्ता कर न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी। सीएमओ ने उसके घर एंबुलेंस भेजकर शाम को लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया। थाना क्षेत्र के गांव नगला खादर निवासी नन्हे श्रीवास्तव की बेटी प्राची (6) 15 दिन पहले झुलस गई थी। उसका लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। बर्न वार्ड में कर्मियों ने जल्द लाभ की बात कहकर 250 रुपये में 200 ग्राम पोषण का डिब्बा दिया। वहीं भर्ती अन्य मरीजों से भी पोषण और मुफ्त की दवा के बदले रुपये लिए गए थे। मामला अमर उजाला ने उजागर किया, तो जिम्मेदार इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने मरीजों की छुट्टी कर दी।