ट्रांसफर और ड्यूटी लगाने में पैसा वसूली के खिलाफ बृहस्पतिवार को लोको पायलटों ने पत्नी और बच्चों के साथ मंडल कार्यालय पर धरना दिया। पायलटों ने रेल प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। इसके पूर्व डीआरएम ऑफिस में घुसने से रोकने पर आरपीएफ संग धक्का मुकी भी हुई। बाद में डीआरएम को 19 सूत्री ज्ञापन सौंपा। ऑल इंडिया रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले रनिंग कर्मचारी पत्नी और बच्चों के साथ पीडीडीयू जंक्शन के पिलीग्रीम साइडिंग पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए डीआरएम ऑफिस पहुंचे। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रनिंग स्टाफ की इयूटी 12 से 18 घंटे तक करवाई जा रही है। इस लंबी ड्यूटी को छिपाने के लिए ड्युटी को 2 से 3 भागों में बांटकर दिखाया जा रहा है। रनिंग कर्मचारियों को 2 से 4 दिन तक मुख्यालय से बाहर रहने को मजबूर किया जा रहा है। रनिंग रूम अंकोरहा, नवीनगर, डीडीयू जंक्शन बरवाडीह, टोरी इत्यादि स्टेशनों पर रेस्ट व खाने की क्वालिटी बहुत ही खराब है। बहुत से सुपरवाइजर रैंक व रनिंग कर्मचारी वर्षों से एक ही जगह अनुचित लाभ पर लोकल ड्यूटी / स्टेशनरी ड्यूटी में कार्यरत हैं। परिवार के लोगों का आरोप है कि समय से छुट्टी व रेस्ट पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। मुख्यालय में 14+2 व रनिंग रूम में 6+2 में कॉल कराया जा रहा है। समय से एलपीएस-1 व एस एएलपी का प्रमोशन नहीं ले रहा है। ऐसे ही दर्जनो समस्याओं का ज्ञापन का दिया गया है। प्रदर्शन को इसीआरईयू, एआईजीसी, एआइएलाआरएसए, एटीसीसी/ एचआरसी आदि संगठनों ने समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन में एलारसा के जोनल महासचिव एके रावत, संतोष कुमार दास, अजीत वर्मा, जितेन्द्र पंडित, डीके सिन्हा, बसंत कुमार, उपेन्द्र कुमार, मु. सब्बीर, जितेन्द्र यादव, बीके पाल, निशान्त वर्मा, कुमार अभिमन्यु, पन्ना लाल, आरके वर्मा, सुनील कुमार, सुधांशु, संदीप केशरी, अमरेन्द्र सिंह, राघवेन्द्र कुमार, अनिल कुमार, राजीव कुमार, संतोष शर्मा, कमलेश मांझी, चन्द्रिका यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता वसिउल हक ने और संचालन डीके मिश्रा ने किया।