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घुमंतू समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का हो रहा प्रयास, VIDEO

अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 22 Nov 2025 01:35 AM IST

समाज कल्याण एवं जनजातीय कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि वर्तमान सरकार घुमंतू समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जन कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़कर शिक्षा, रोजगार व आवास जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वे शुक्रवार को सदर क्षेत्र के बिसौरी गांव में घुमंतू जातियों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि इतिहास में घुमंतू समुदाय अत्यंत साहसी रहा है। उन्होंने कहा कि मुगल काल में इन लोगों ने कभी समझौता नहीं किया और जंगलों में रहकर गुरिल्ला युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंग्रेजों ने इन्हें आपराधिक जनजाति का दर्जा देकर सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया, लेकिन आजादी के बाद बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त 1952 को इस काले कानून को समाप्त किया गया। इसी कारण इस तिथि को घुमंतू दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घुमंतू परिवारों को प्रत्येक लाभकारी योजना से जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि शिक्षा के लिए विशेष प्रोत्साहन, स्व-रोजगार के लिए विभिन्न वित्तीय योजनाएं, पक्के आवास हेतु सरकारी सहायता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ाव सरकार की प्राथमिकता है। कहा कि इनके बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि भावी पीढ़ी बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। कार्यक्रम में उपस्थित मुगलसराय भाजपा विधायक रमेश जायसवाल, चकिया भाजपा विधायक कैलाश आचार्य, भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्यमुनी तिवारी, जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने भी घुमंतू समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और जागरूक किया।

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