राजकीय गेस्ट हाउस में बृहस्पतिवार को न्याय की उम्मीद लेकर आईं 28 महिलाओं में सिर्फ तीन को त्वरित न्याय मिल सका। राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा के समक्ष मारपीट, क्षतिपूर्ति, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में 25 महिलाओं को आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर सरकार गंभीर है। ऐसे में उनसे जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं का अधिकत लाभ महिलाओं को दिलाने के साथ ही उत्पीड़न रोकने का निर्देश दिया। उनके समक्ष घरेलू हिंसा, पारिवारिक समस्या, महिला उत्पीड़न और मारपीट के कुल 28 प्रार्थना पत्र आए। इसमें तीन का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा की पुलिस की ओर से जो मामले हैं उनकी जांच कर उन पर आवश्यक कार्रवाई किया जाए। सूफीनगर की शबनम बानों ने क्षतिपूर्ति के लिए प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि कोर्ट से आदेश होने के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं मिल रहा है। सुरियावां की सीता देवी ने घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। दोपहर दो बजे के बाद महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा किया। अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को शत प्रतिशत लाभ दिलाएं।