जिला अस्पताल में बस्ती के नेत्र विभाग में उपकरणों की खराबी रोगियों पर भारी पड़ रही है। आंखों की कई महत्वपूर्ण जांच न होने से उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। ऐसे में निजी अस्पतालों का बहार आ गया है। कमजोर वर्ग के रोगियों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। आंख की जांच के लिए उन्हें डेढ़ से दो हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन खराब उपकरणों को ठीक नहीं करा रहा है। जिसका खामियाजा रोगियों को उठाना पड़ रहा है। ग्लूकोमा व कार्वेचर की जांच के लिए रोगियों को कैली अस्पताल भेजा जा रहा है।