बरेली के सरकारी स्कूलों में कांवेंट स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के दावे साहूकारा प्राथमिक विद्यालय नवीन प्रथम के आगे खोखले साबित होते हैं। इस स्कूल का भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। बच्चे खतरे के साये में पढ़ाई करते हैं। हालात यह हैं कि तेज हवा चलने और बादल घिरने पर स्कूल में अवकाश कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। कैसी है पाठशाला... मुहिम के तहत परिषदीय विद्यालयों के हाल का जायजा लेने बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम दोपहर करीब एक बजे साहूकारा प्राथमिक विद्यालय पहुंची। खंडहर जैसे भवन में प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापिका बच्चों का रिकॉर्ड आदि तैयार कर रहीं थीं। सभी कक्षाओं में ताला लगा था।