सावन के पहले सोमवार को बरेली के नाथ मंदिर में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। आधी रात के बाद से जलाभिषेक शुरू हो गया। सुबह होते-होते भक्तों की कतार लंबी होती गई। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार शाम से ही कांवड़ियों के जत्थे कछला और हरिद्वार से जल लेकर शहर आने लगे। आधी रात के बाद कांवड़ियों ने हर-हर महादेव जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। प्राचीन त्रिवटीनाथ मंदिर में दोपहर तक भक्तों की लंबी कतार लगी रही। भक्तों ने जलाभिषेक कर मनौती मांगी। शहर के उत्तर दिशा में स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर की स्थापना 1474 में हुई थी। बताया जाता है कि उस वक्त यहां वन क्षेत्र था। यहां तीन वट वृक्षों के नीचे शिवलिंग मिला था, जिससे इस मंदिर का नाम त्रिवटीनाथ पड़ गया।