बाराबंकी जिला लंबे समय से अफीम की खेती (काला सोना) के लिए जाना जाता है। अफीम की खेती का लाइसेंस केवल उन्हीं किसानों को दिया जाता है, जो परंपरागत रूप से इस खेती से जुड़े हुए हैं। इस बार नवंबर में आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाराबंकी के जिला अफीम के अलावा लखनऊ, अयोध्या, मऊ, गाजीपुर और बदायूं के किसानों को भी लाइसेंस जारी किए गए। अब जब अफीम की फसल तैयार हो गई है तो किसान अफीम निकालने का काम भी शुरू कर चुके हैं। कुल 2650 किसानों में से 600 किसानों को चीरा लगाकर अफीम निकालने की अनुमति मिली है। चीरा लगाने वालों में भी 550 किसान सिर्फ बाराबंकी के ही हैं।