रामनगरी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर गरजना जारी है। 20 जनवरी को चौक सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटाने के लिए हुई कार्रवाई के बाद बुधवार को मलबे के बीच खड़े लोग अपनी आपबीती सुनाते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। स्थानीय महिलाओं ने रोते हुए अपना दर्द बयान किया कि उनके पास अब रहने का कोई ठिकाना नहीं बचा है। मलबे के ढेर में तब्दील हुए मकानों को देख स्थानीय निवासियों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता है। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे थे। अब कहा जाएंगे। एक बुजुर्ग महिला ने मलबे की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम गरीब लोग कहां जाएंगे, सब कुछ उजाड़ दिया गया। वहीं, अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपना सामान सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय भी नहीं मिला। जहां एक ओर प्रशासन शहर के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरी ओर इन तस्वीरों ने विकास की कीमत पर लोग बेघर हो रहे हैं।