भारी बारिश के बावजूद भगवान राम की नगरी में सावन के आखिरी सोमवार के मौके पर सुबह से ही आस्था का जनसैलाब उमड़ा है। श्रद्धालु सरयू में स्नान कर भगवान राम के पुत्र कुश की ओर से स्थापित सिद्ध पीठ नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे हैं। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक इंतजाम किए हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सरयू की जलधारा में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही सरयू में जल पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को तय किए गए जलस्तर के अंदर ही स्नान करने के लिए प्रेरित करते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालु सुरक्षित ढंग से सरयू में स्नान करने के बाद प्रशासन की ओर से तय किए गए रूट राम की पैड़ी से बनाए गए वैकल्पिक रास्ते से होते हुए नागेश्वर नाथ मंदिर तक जा रहे हैं। इसके बाद नागेश्वर नाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर की क्षमता के अनुरूप जत्थों में मंदिर के गर्भगृह में भेजा जा रहा है, जहां पर दर्शन पूजन का जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी प्रशासनिक इंतजाम की तारीफ की है। भगवान राम की नगरी भगवान शिव के जयकारों से गूंज रही है। सावन के आखिरी सोमवार की वजह से सुबह 3:00 बजे से ही खराब मौसम के बावजूद सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सुबह से ही दर्शन पूजन का दौर चल रहा है।