अयोध्या में भारतीय संस्कृति के प्रति संवेदनशील संतों ने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी की पहल पर छावा फिल्म देखी। फिल्म के दृश्य से संतों को विचलित होते देखा गया। शहर के एक सिनेमा हॉल में संतों, पार्षदों और अन्य लोगों ने फिल्म देखी। फिल्म के माध्यम से मुगलकालीन इतिहास के स्याह पक्ष से रू-ब-रू हुए। फिल्म मराठा साम्राज्य के अगुआ रहे संभाजी के साथ की गई औरंगजेब की क्रूरता पर आधारित है। फिल्म देखने वाले संतों ने कहा कि मेयर की ओर से की गई पहल सराहनीय है। इससे इतिहास में दबी-छिपी जानकारियां हासिल हुईं। फिल्म में कई मार्मिक प्रसंग भी फिल्माए गए हैं। मराठों की मानवता और संवेदना का उज्ज्वल पक्ष उभर कर सामने आया है, जो गर्व करने लायक है। फिल्म दर्शन कार्यक्रम में मौजूद महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि संत-महंत देश और समाज को लेकर संवेदनशील रहते हैं। इसलिए इतिहास के अनछुए पहलू से परिचित कराने के लिए छावा फिल्म दिखाने का फैसला किया गया। इस मौके पर महंत अवधेश दास, महंत मैथिली शरण, महंत विवेक आचारी, मिथिला बिहारी दास, मनीष दास, शरद शुक्ल, महंत श्रीपाल, पार्षद अजय पांडेय, सुनील यादव, धर्मेंद्र मिश्र, सूर्या तिवारी, रामशंकर निषाद, दीपचंद, मनीष चौधरी, विकास कुमार समेत अन्य संत महंत मौजूद रहे।