सर्दी के सीजन का दूसरे घना कोहरा गुरुवार को नजर आया। रात से ही शुरू हुई कोहरे की चादर ने सुबह तक पूरे जिले को आगोश में ले लिया। सुबह कोहरा ऐसा घना रहा कि पुरानी कहावत की तरह हाथ को हाथ न सूझ पाया। कोहरे में दृश्यता शून्य रही, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह स्कूल के वाहन रेंगकर चले। ट्रेनें घंटों देरी से चलीं और कोहरे के कारण ताजमहल भी दोपहर तक नजर न आ पाया।