आगरा में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के नेतृत्व में निकाली गई रैली कहने को तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खर्च कम करने के आह्वान को जनता तक पहुंचाने के लिए थी, लेकिन यह जागरूकता से ज्यादा सांसद के बेटे वैभव जैन का लॉन्च पैड बनकर रह गई। पार्टी की महानगर इकाई ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी, लेकिन जिले के कई मंत्री व विधायकों ने इस रैली से खुद को अलग रखा। इससे पार्टी की गुटबाजी साफ नजर आई। रैली के दौरान सांसद नवीन जैन ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। मंच पर महानगर की टीम के सदस्यों के अलावा प्रमुख चेहरों में एमएलसी विजय शिवहरे और विधायक डाॅ. जीएस धर्मेश मौजूद रहे। दोनों को ही नवीन जैन गुट का करीबी माना जाता रहा है। पार्टी के सभी पदाधिकारियों का फोकस नवीन जैन और बेटे वैभव को प्रमोट करने पर ही दिखा। पगड़ी पहनाने से लेकर जगह-जगह स्वागत किया गया। वहीं, पार्टी नेताओं ने वैभव के पक्ष में भी जमकर नारेबाजी की। उधर, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योेगेंद्र उपाध्याय, महापौर हेमलता दिवाकर व आगरा उत्तर के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल समेत शहर की सियासत में प्रमुख माने जाने वाले कई चेहरे नदारद रहे। यहां तक कि कई मंडलों के अध्यक्ष भी नहीं पहुंचे। मंच पर भाजपा महानगर की पूरी टीम की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम में प्रमुख नेताओं के न पहुंचने की एक वजह गुटबाजी को भी माना गया। महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि आम जनमानस को जोड़ने वाले कार्यक्रम में सभी अपनी स्वेच्छा से आए थे। सांसद की ओर से सूचना सभी को दी गई थी, लेकिन व्यस्तता की वजह से कुछ लोग नहीं पहुंच सके। कहा कि पार्टी का कार्यक्रम नहीं था। वहीं, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता की वजह से नहीं आ सके। प्रधानमंत्री की अपील से जुड़े कार्यक्रम को करने के लिए बधाई और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को करते रहने चाहिए।