आगरा में बकाएदारों व बिजली चोरी का आरोप झेल रहे लोगों को राहत देने के लिए लाई गई बिजली बिल राहत योजना की मियाद शनिवार को खत्म हो गई। योजना का लक्ष्य तो बकाया वसूली कर सरकारी खजाने को भरने और डूबती बिजली कंपनियों को बचाने का था, लेकिन सिस्टम की उदासीनता और लोगों की बचने की कोशिश ने योजना को फ्लॉप कर दिया। बकाएदारों की इस फौज में औसत बकाया 30 हजार रुपये के आसपास है। हालांकि बकाया न जमा कराने पर अब उपभोक्ताओ के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।