आगरा। तेंदुएं की खाल तस्करी और वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। जांच आगे बढ़ने पर मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर छह तेंदुओं के कंकाल बरामद किए गए हैं। इनमें एक कंकाल मुरैना और पांच शिवपुरी के जंगलों से मिले हैं। बरामदगी के बाद यह साफ हो गया है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से तेंदुओं का शिकार कर उनकी तस्करी कर रहा था। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से जंगलों में तेंदुओं का शिकार करते थे। गिरोह के सदस्य पहले घने जंगलों में ऐसे रास्तों की पहचान करते थे, जहां तेंदुओं की आवाजाही अधिक रहती थी। इसके बाद वहां कॉपर वायर और मजबूत रस्सियों से फंदे लगाए जाते थे। शिकार की तलाश में निकला तेंदुआ जैसे ही फंदे में फंसता, वह निकल नहीं पाता। फंदे में बुरी तरह जकड़ने के बाद शिकारी डंडों से उस पर हमला कर उसकी हत्या कर देते थे। इसके बाद खाल, हड्डियों और अन्य अंगों की तस्करी की जाती थी। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मध्य प्रदेश के जंगलों से सटे गांवों के रहने वाले हैं। उन्हें जंगल के रास्तों, वन्यजीवों की गतिविधियों और शिकार के ठिकानों की पूरी जानकारी थी। इसी वजह से वे बिना किसी संदेह के जंगलों में जाकर फंदे लगाते और वारदात को अंजाम देते थे।