आगरा। अस्पताल-पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक संचालक खुले में बायोेमेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वाले कार्यदायी संस्था ने सीएमओ से इसकी शिकायत की है। अब स्वास्थ्य विभाग लाइसेंस के नवीनीकरण के दौरान लॉगबुक की जांच करेगा। स्वास्थ्य विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनके लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी ने सभी चिकित्सकीय संस्थानों से तय बेड के हिसाब से बायोमेडिकल वेस्ट नहीं मिलने की शिकायत की है। कंपनी का कहना है कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।