श्रीबांकेबिहारी मंदिर की नींव और संरचना ही कमजोर नहीं हो रही, बल्कि पूर्व में मंदिर की दीवारों पर लगाए गए पेंट के कारण यहां लगे पत्थर सांस नहीं ले पा रहे थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मंदिर की संरचना का सर्वेक्षण कर हाईपावर कमेटी को रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं एएसआई की विज्ञान शाखा के वैज्ञानिक मंदिर की दीवारों का केमिकल ट्रीटमेंट कराने में मदद कर रहे हैं। दीवारों पर लगी पॉलीमर की परत को हटवाकर वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जा रहा है, जिससे मंदिर के पत्थरों की आयु बढ़ जाएगी।