देश में बाल श्रम के खिलाफ कितने ही कानून क्यों ना बन जाएं लेकिन जब तक प्रदेश कि पुलिस ही बच्चों को इस दलदल में धकेल रही है तो क्या कहा जा सकता है। मथुरा से एक मामला सामने आया है जहां पुलिस बच्चों को 300 रुपये की दिहाड़ी पर काम करवा रही है। और काम भी क्या है, शराब नष्ट करने का।