कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा को कई मुद्दों पर घेरा, बोले देश की राजनीति में आज कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं, नक्सलवाद पर केंद्र सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है — 'बातचीत किस बात की? पहले हथियार डालो, फिर चर्चा होगी।' अमित शाह के इस बयान को नक्सली गुटों में जारी आंतरिक कलह के बीच बड़ा संदेश माना जा रहा है।
इधर, रूस और पाकिस्तान के बीच हुए हथियार समझौते पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समझौता भारत की “व्यक्तिगत कूटनीति की विफलता” का प्रमाण है।
वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की अहम बैठक में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्ष, दोनों ही गुट इस बात पर एकमत दिखे कि चुनाव छठ पर्व के बाद और कम चरणों में कराए जाएं।
इस बीच, भाजपा ने आयोग से मांग की है कि बुर्का पहने मतदाताओं की कड़ी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राहुल गांधी को लेकर दिए गए जननायक वाले बयान पर बिहार कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस का कहना है कि “देश का जननायक कौन होगा, यह मोदी जी तय नहीं करेंगे।”
उधर, मुंबई आतंकी हमले को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने उस वक्त अमेरिका के दबाव में आकर कदम उठाए थे।
राजनीति के इन तीखे बयानों के बीच, देश की नजर अब आने वाले बिहार चुनावों पर टिकी है।