वृंदावन के रंगजी मंदिर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया गया। ठाकुरजी का विधिविधान पूर्वक अभिषेक किया गया। इस मंदिर में एक महीने बाद जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। एक माह बाद जन्माष्टमी मनाने के पीछे तर्क है कि दक्षिण भारतीय मंदिरों में तिथि और नक्षत्र दोनों एक साथ हों तभी पर्व-उत्सव मनाए जाते हैं, जबकि उत्तर भारत में तिथि के अनुसार उत्सव मनाए जाते हैं।