मथुरा के बरसाना में राधा जन्म की अष्टमी तिथि में प्रवेश करते ही सम्पूर्ण बरसाना का आकाश दिव्य रोशनियों से जगमगा उठा। रात के सन्नाटे को चीरते हुए जैसे ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने अम्बर को जगमगाया, वैसे ही श्रद्धालुओं के हृदय आनंद और उत्साह से भर उठे। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं देवगण राधारानी के प्राकट्य की बधाई देने आकाश से उतर आए हों। यह भव्य आतिशबाजी संत श्री विनोद बाबा महाराज की ओर से कराई गई। चमचमाते पटाखों की झिलमिलाहट और आसमान में फैली रंगीन छटा देखते ही भक्तों की भीड़ भजन-कीर्तन और जयकारों में डूब गई। वातावरण में गूंजते राधे-राधे के स्वर और उमंग से पूरा नगर एक अलौकिक उत्सव का रूप ले चुका था।