अखिलेश की 'चवन्नी' टिप्पणी पर जयंत चौधरी का पलटवार: 'ये जाट समुदाय का अपमान', बोले-ऐसा अहंकार केवल पतन लाता है
कभी गठबंधन में सहयोगी रहे सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के प्रमुख जयंत चौधरी के बीच टकराव शुरू हो गया है। अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री और RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने अब पलटवार किया है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह टकराव अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले कटाक्ष को लेकर है। अखिलेश यादव ने हाल ही में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा था, "जाने कहां-कहां से आ गए थे लोग गठबंधन बनाने।"
यादव ने आगे कहा कि "हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी हमें छोड़कर चले गए वो।" उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया था। लेकिन उनकी यह टिप्पणी जयंत चौधरी के लिए मानी गई। यह 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान की बात है। तब जयंत चौधरी ने भाजपा की पेशकश को अस्वीकार कर दिया था।
शुक्रवार को रालोद के अध्यक्ष और केंद्री मंत्री जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सस्ती राजनीतिक टिप्पणियां करनी थीं, तो कम से कम उनका नाम लेना चाहिए था। जयंत चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट किया।
सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
— Jayant Singh (@jayantrld) August 21, 2026
कोई बात नहीं थी…
जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?
मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!
उत्तर प्रदेश के मंत्री और रालोद नेता अनिल कुमार ने यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे "अत्यधिक आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी केवल जयंत चौधरी का अपमान नहीं है। यह चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और पूरे किसान समुदाय का भी अपमान है।
बसपा प्रमुख मायावती भी सपा-रालोद की इस जंग में शामिल हो गई हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से उनकी 'चवन्नी' टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की है। मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अखिलेश यादव को रालोद और उसके नेता से ही नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।