मथुरा की तहसीलों में भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के कब्ज़े का गंभीर आरोप लगाते हुए राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन ने मंगलवा को सदर तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओ को शांत करने आए एसडीएम सदर अभिनव जैन से भी नोकझोंक हो गई। जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन में, राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन ने कहा है कि तहसील सदर, महावन, गोवर्धन और मांट में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है। इन तहसीलों में न्यायालयों की न्यायिक प्रक्रिया, कार्यशैली और निर्णयों पर भू-माफियाओं व कुछ विशेष समूहों का कब्ज़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि मुकदमों का निर्णय, तारीखें और न्यायिक प्रक्रिया भी उन्हीं के अनुसार प्रभावित हो रही हैं, जिससे वकीलों के लिए स्वतंत्र रूप से न्यायिक कार्य करना असंभव हो गया है।