बारिश के साथ शहर के कई इलाकों में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। जनौर, देवकाली, बछड़ा सुल्तानपुर, शक्तिनगर, जलवानपुर और रामपथ से जुड़ी कई गलियों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इन क्षेत्रों के 300 से अधिक घर प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में हालात बिगड़ते हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। सबसे अधिक परेशानी जनौर क्षेत्र में है देखने को मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 15 वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। वहीं देवकाली, बछड़ा सुल्तानपुर और शक्तिनगर के लोग करीब 10 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश के दौरान सड़क और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई जगह घरों के बाहर तक पानी भर गया है। रामपथ से जुड़ी कई गलियों में भी पानी जमा होने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग ऊंचा होने के कारण आसपास की कॉलोनियों में पानी जमा हो जाता है। जलवानपुर में भी वर्षों से जलनिकासी व्यवस्था लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है। समस्या विस्तृत क्षेत्रों में और भी गंभीर है। कई मोहल्लों में अब तक न सड़क बनी है और न ही नालियों की व्यवस्था है। बारिश के दौरान ऐसे क्षेत्रों में कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं और पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। उधर, सीवर कार्य के लिए खोदी गई सड़कों ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। शक्तिनगर कॉलोनी में सड़क धंसने से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई। वहीं नाका मुख्य मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान समस्या सामने आती है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते हैं।