फिजाओं में अबीर की खुशबू घुलने लगी है। शहर के बाजारों से लेकर गलियों तक में रंग और पिचकारियों की चमक दिखने लगी है। बाजारों में कदम रखने तक की जगह कम पड़ रही है। फाल्गुन की दस्तक के साथ ही अयोध्या का कारोबार पूरी तरह होली के रंग में रंग गया है। कपड़ा बाजार से लेकर मिठाई, किराना और सब्जी मंडी तक हर दुकान पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। फाल्गुन की इस रंगीन रौनक ने शहर के कारोबार में नई जान फूंक दी है। बच्चों के लिए बाजार किसी मेले से कम नहीं दिख रहा। सुपरहीरो और कार्टून थीम वाली पिचकारियां खूब बिक रही हैं। फाल्गुन की यह रौनक शहर की अर्थव्यवस्था में भी नई मिठास घोल रही है। घर-घर में पापड़ बनाने की तैयारी के साथ सब्जी मंडी में आलू की खपत बढ़ गई है। चौक के सब्जी व्यापारी शकील अहमद ने बताया कि सहालग की वजह से बिक्री पहले से ही तेज है। वहीं, होली के त्योहार ने कारोबार में चार चांद लगा दिए हैं। लोग पापड़ के लिए 15 से 20 किलो तक आलू एक साथ खरीद रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां एक क्विंटल आलू की बिक्री होती थी, वहीं चार-पांच क्विंटल तक पहुंच गई है। हर दिन 10 से 15 हजार रुपये तक का कारोबार हो रहा है। सफेद टी-शर्ट और सूट पर युवाओं का क्रेज, होली स्पेशल परिधानों की धूम होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, सूट और टोपी की जबरदस्त मांग है। 'होली है' और रंगीन स्लोगन वाली प्रिंटेड टी-शर्ट युवाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। युवतियों को हरे और पीले रंग के दुपट्टे खूब लुभा रहे हैं। टी-शर्ट और राजस्थानी टोपी 100 रुपये में बिक रही है। लोग कुर्ता-पायजामा भी खरीदना पसंद कर रहे हैं। यह 200 से 1000 रुपये में बिक रहा है। चौक के दुकानदार दिनेश ने बताया कि युवा खासतौर पर सफेद टी-शर्ट मांग रहे हैं, जिससे रंग पड़ने के बाद तस्वीरें और आकर्षक आएं। महिलाओं में सूती और कॉटन सूट की खरीदारी भी तेज है। दो दिनों में करीब 15 हजार रुपये का कारोबार हो चुका है। रंगों के बाजार में इस बार हर्बल गुलाल का जलवा है। लोग प्राकृतिक गुलाल खरीद रहे हैं। सिविल लाइंस के रंग विक्रेता मोहन ने बताया कि ग्राहक साफ कहते हैं कि त्वचा को नुकसान न हो, ऐसा रंग और अबीर चाहिए। योगी-मोदी पैकिंग वाला हर्बल अबीर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 500 ग्राम का पैकेट 75 रुपये में और 200 ग्राम का आकर्षक पैक 45 रुपये में बिक रहा है। दो दिनों में करीब 20 हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है। इसके अलावा गुलाब, चंदन और केसर खुशबू वाले रंगों की भी मांग बढ़ी है।