केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की नीतियों से नाराज होकर प्रयागराज के आईटी सेल के जिला उपाध्यक्ष समेत छह पदाधिकारी अयोध्या में बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं। अयोध्या पहुंचे सभी पदाधिकारियों ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की नीतियों का समर्थन कर बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर लिया। प्रयागराज अपना दल आईटी सेल के जिला उपाध्यक्ष राजेश पाल ने बताया कि कौशांबी की घटना को लेकर पार्टी स्टैंड नहीं ले रही थी। मुद्दे को दबाने के लिए पार्टी दबाव डाल रही थी। इसके कारण उन्हें अपना दल एस से नाता तोड़ना पड़ा। वहीं, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि जब से भाजपा सरकार आई है तब से बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल रहा है। महंगाई बढ़ती जा रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। जगह-जगह हत्याएं और बलात्कार हो रहे हैं। चाहे सपा हो चाहे कांग्रेस हो चाहे बीजेपी हो सभी के शासनकाल में उत्पीड़न हुआ है। 2027 की चुनाव में एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी बहुमत में आएगी और मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा, कांग्रेस और सपा को छोड़कर लोग बसपा की नीतियों में अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में सुश्री मायावती को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिए बसपा जी तोड़ कोशिश कर रही है।