फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya: अवध के सात जिलों के कॉलेजों ने नई नीति के तहत प्रैक्टिकल परीक्षा करवाने से खड़े किए हाथ, कुलपति कार्यालय का किया घेराव

ishwar ashish Updated Fri, 13 Jun 2025 02:52 PM IST

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध सात जिलों के स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के सैकड़ों की संख्या में प्रबंधक, प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के प्रबंधकों की मांग है कि प्रैक्टिकल परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत कराई जाए। इसके तहत महाविद्यालय खुद अपने शिक्षकों से ही प्रैक्टिकल परीक्षाएं करवाते हैं। वह भी तब जब वह अपने सारे कोरम पूरे कर लेते हैं लेकिन इस बार नए कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह ने एक ही विषय पर चार-चार परीक्षक लगा दिए हैं। इन लोगों का कहना है कि एक विषय पर चार चार परीक्षक का खर्च कौन वहन करेगा। कोई भी प्रबंधक अपना महाविद्यालय बेचकर परीक्षा नहीं कराएगा। यदि इस नियम को नहीं बदला गया और उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं कराएंगे। वे शासन के पास और कोर्ट में जाएंगे लेकिन इस नए नियम के तहत वह प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं कराएंगे। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय संघ के अध्यक्ष शीलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत अब तक प्रैक्टिकल की परीक्षाएं हो रही थीं लेकिन जैसे ही अवध विश्वविद्यालय के नए कुलपति डॉ. बीजेंद्र सिंह ने चार्ज लिया, उसके बाद नियम बदल दिया गया। इस नए नियम के तहत प्रैक्टिकल की परीक्षाएं नहीं हो सकती हैं। पहले जिस तरह से स्ववित्त पोषित महाविद्यालय अपनी प्रैक्टिकल परीक्षाएं करवाते थे, उसी तरह यदि नियम लागू होगा तो प्रैक्टिकल परीक्षाएं करवाई जाएंगी नहीं तो विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें