अयोध्या में नगर निगम ने कर वसूली अभियान के तहत बुधवार को कुर्की की कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों को सील किया गया। इस कार्रवाई के बाद एक वायरल वीडियो के जरिए आरोप लगाया गया कि सीलिंग के दौरान दुकान में सो रही एक बच्ची को अंदर ही बंद कर दिया गया। हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी घटना पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। दुकान में रहने वाली प्रियंका व सरोज ने बुधवार की देर शाम वायरल वीडियो में कहा कि नगर निगम ने बिना नोटिस दिए कुर्की की कार्रवाई की। उनका आरोप था कि टीम के साथ आई महिला पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल दिया, जबकि एक बच्ची अंदर सोती रह गई। वीडियो में बच्ची दुकान की छत पर खड़ी दिखाई दी। इसके बाद ठंड के मौसम का हवाला देते हुए ताला खोलने की मांग की गई। वहीं नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार कहा है कि सील दुकान में युवती या बच्ची के कैद होने का आरोप पूरी तरह फर्जी और नगर निगम को बदनाम करने का प्रयास है। निगम के अनुसार, सीलिंग से पहले पुलिस व नगर निगम की टीम ने सभी लोगों को बाहर कर दिया था। आरोप लगाने के लिए युवती बाद में छत के रास्ते दोबारा दुकान में गई। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि ने सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह जांचोपरांत और नियमानुसार की गई। नगर निगम का दावा है कि टीम के लौटने के करीब छह घंटे बाद षड्यंत्र के तहत बच्ची को कैद होने का ड्रामा किया गया। इस मामले में कोतवाली पुलिस को जांच के लिए पत्र लिखा गया है। निगम के पास सीलिंग के समय का वीडियो भी उपलब्ध है। इसमें युवती को बाहर निकलते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। नगर निगम की ओर से जारी वीडियो में भी युवती बाहर जाती दिख रही है। इससे बच्ची को अंदर बंद करने के आरोपों को खारिज किया गया है।